हम कह पाते काश उन्हें के उन्ह दिल में बसाया है दुनिया की निगाहों से उन्हें हमेशा छुपाया है हम ज़ाहिर नहीं करना चाहते है अपने दिल की आशिकी को के हमने अपने यार को ही अपना रब्ब बनाया है
 26
0  

ए खुदा मोहूबत भी तूने अजीब चीज बनाए है, तेरे ही बन्दे तेरी मस्जिद में तेरे ही सामने रोते है, लेकिन तुजे नहीं किसी और को पानेके लिये…
 38
0  

जिंदगी में कुछ दोस्त खास बन गये मिले तो मुलाकात और बिछड़े तो याद बन गये कुछ दोस्त धीरे धीरे फिसलते चले गये पर जो दिल से ना गये वो आप बन गये
 49
0  

कुछ सालों बाद नाजाने क्या समां होगा, नाजाने कौन दोस्त कहाँ होगा, फिर मिलना हुआ तो मिलेंगे यादों में, जैसे सूखे गुलाब मिलते हैं किताबों में |
 42
0  

तेरा दिल उदास क्यों है? तेरी आँखों में प्यास क्यों है? जो छोड़ गया तुझे मझदार में , उससे मिलने की आस क्यों है ? जो दे गया दर्द ज़िन्दगी भर का, वही तेरे लिए ख़ास क्यों है ??
 54
0