अपनोकी ईनायत कभी खतम नही होती
रीस्तोकी महेक भी कभी कम नही होती
जीवनमें साथ हो गर कीसी सच्चे रीस्तोका
तो ये जींदगी कीसी जन्नंतसे कम नही लगती
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एक आदमी अपनी पतनी के सामने कसम खाता हे के
मई तुमरे सामने पैसो का ढेर कार्दुगा
तुमारी जुल्फों के तारीफ करूँगा हमेशा
पतनी बोली कब तक
पति बोला;
जब तक है जान
पतनी बोली फिर
पति बोला :
में तुमको हमेशा खुस रखूँगा
पूरी दुनिया तुमरे कदमो में लडूंगा
पतनी बोली कबतक
पति बोला:
जब तक है जान
पति मनोमन बोला:
तुम जेसे अन्तिक के साथ कोण घुमने जायेगा
में तो कल अपने से अधि उम्र की लडकियों के साथ फिल्म देखने जाऊंगा
दुश्रे दिन पतनी को पता चला और पुचा की आखिर कब तक ये सब करते रहो गे
तो पति बोला ;
जब तक है जान
249
1
दिल पे क्या गुज़री वो अनजान कए जाने,
प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने,
हवा के साथ उड़ गये घर इस परिंदे का,
कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने !
“प्रमोद नौटियाल”
251
1
भौरे कहते हे की गगन बदला हे
पंची कहते हे की चमन बदला हे
हालत की खामोशी मगर कहती हे
लाश वही हे सिर्फ़ कफ़न बदला हे.
234
2
हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे,
कभी चाहा था किसी ने,तुम ये खुद कहोगे,
न होगे हम तो किसी ने ,तुम ये खुद कहोगे,
मिलेगे बहुत से लेकिन कोई हम सा पागल ना होगा.