सूरज निकल रहा हे पूरब से दिन शुरू हुआ आपकी याद से कहना चाहते हे हम आपको दिलसे आपका दिन अछा जाए हमारी गुड मॉर्निंग से…
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आई है सुभह वो रोशनी लेके, जैसे नये जोश की नयी किरण चमके, विश्वास की लौ सदा जलके रखना, देगी अंधेरों में रास्ता चिराग बनके..
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बनाने वाले ने भी तुझे, किसी कारण से बनाया होगा, छोड़ा होगा जब ज़मीन पर तुझे, उसके सीने में भी दर्द तो आया होगा…
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कहते हैं कि नारी ताड़न की अधिकारी है जन्मा तुम को जिसने वो भी एक नारी है गाँव की पगडंडी,हो या शहर का परिवेश हर ओर ही नारी का शोषण जारी है गैरों की बात क्या करना दोस्तों अपनों के बीच भी कहाँ सुरक्षित नारी है बेटी हो तो सिर बाप के झुक जाते है दहेज की कुछ इस कदर फैली महामारी है बेटा घर का चिराग बेटी पराये घर का राग बेटे बेटी का ये अंतरद्वंद्व अभी भी जारी है पाप किसी का दोष इसके के सर मढ़ा जाता है इस जुल्म को देख भी चुप रहती दुनिया सारी है आने देते नहीं बाहर माँ की कोख से जन्म से पहले कर देते मृत्यु हमारी है बेटा हुआ तो पुरुष का ही है सारा कमाल हो गई बेटी तो ये माँ की जिम्मेदारी है बेटे की ... read more
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हर नई सुबह का नया नज़ारा, ठंडी हवा लेके आई पैगाम हमारा, जागो,उठो,तैयार हो जाओ, खुशियो से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा.
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