चाँद की महफ़िल में अनजाने मिल गए, हमने देखा तो सब जाने पहचाने मिल गए, मैं बढता गया सच्च के रस्ते पर, वहीँ पर मुझे सभ खजाने मिल गए |
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पलकों को कभी हमने भिगोए ही नहीं, वो सोचते हैं की हम कभी रोये ही नहीं, वो पूछते हैं कि ख्वाबो में किसे देखते हो? और हम हैं की उनकी यादो में सोए ही नहीं!
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हर रिश्ते में विश्वास रहने दो; जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो; यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का; न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो..!
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बैठे बैठे ज़िन्दगी बरबाद ना की जिए, ज़िन्दगी मिलती है कुछ कर दिखाने के लिए, रोके अगर आसमान हमारे रस्ते को, तो तैयार हो जाओ आसमान झुकाने के लिए |
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कभी पहली बार स्कूल जानेमे डर लगता था…आज अकेले ही दुनिया घूम लेते हे ।। पहले 1st नंबर लानेके लिए पढ़ते थे, आज कमाने के लिए पढ़ते हें !! गरीब दूर तक चलता हे… खाना खाने के लिए… अमीर दूर तक चलता हे … खाना पचाने के लिए … कीसी के पास खाने के लिये एक वक्त की रोटी नहीं हे ….. कीसी के पास रोटी खाने के लिए वक़्त ही नहीं हे … कोई लाचार हे इस लिए बीमार हे, कोई बीमार हे इस लिये लाचार हे कोई अपनों के लिए रोटी छोड देता हे, कोई रोटी के लिए अपनों को छोड़ देता हे ये दुनीया भी कितनी निराली हे .. कभी वक़्त मीले तो सोचना… कभी छोटी सी चोट लगनेपे रोते थे, आज दिल टूट जाने पर भी संभल जाते हें! पहेले हम दोस्तों के ... read more
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