दान की महिमा

एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला। चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल दिए, इस टोटके या अंधविश्वास के कारण कि भिक्षाटन के लिए निकलते समय भिखारी अपनी झोली खाली नहीं रखते। थैली देखकर दूसरों को भी लगता है कि इसे पहले से ही किसी ने कुछ दे रखा है। पूर्णिमा का दिन था, भिखारी सोच रहा था कि आज अगर ईश्वर की कृपा होगी तो मेरी यह झोली शाम से पहले ही भर जाएगी। अचानक सामने से राजपथ पर उसी देश के राजा की सवारी आती हुई दिखाई दी। देने से कोई चीज कभी घटती नहीं। लेने वाले से देने वाला बड़ा होता है। भिखारी खुश हो गया। उसने सोचा कि राजा के दर्शन और उनसे मिलने वाले दान से आज तो उसके स ... read more
 865
0  

सूझबूझ से सुलझा लें समस्या

एक किसान था, वह अपने खेतों में काम कर घर लौट रहा था। रास्ते में ही एक हलवाई की दुकान थी। उस दिन किसान ने कुछ ज्‍यादा काम कर लिया था और उसे भूख भी बहुत लग रही थी। ऐसे में जब वह हलवाई की दुकान के पास से गुजरा तो उसे मिठाइयों की खुशबू आने लगी। वह वहां खुद को रोके बिना नहीं रह पाया। लेकिन उस दिन उसके पास ज्यादा पैसे नहीं थे, ऐसे में वह मिठाई खरीद नहीं सकता था, तब वह कुछ देर वहीं खड़े होकर मिठाइयों की सुगंध का आनंद लेने लगा। जब मिठाईवाले ने किसान को मजे से उसकी दुकान की मिठाइयों की खूशबू का आनंद लेते देखा, तब उससे किसान की खुशी देखी नहीं गई, वह किसान के पास गया और बोला, पैसे निकालो। किसान हैरान ह ... read more
 1433
0  

नियमित साधना का फल

एक समय की बात है। टेनेसी राज्य में रहने वाली विल्मा गोल्डीन रूडाल्फ जब चार वर्ष की थी, स्कारलेट फीवर के कारण उसका दाहिना पैर खराब हो गया। वह बिना सहारे चल भी न सकती थी, पर साहस की धनी उस बालिका ने नियमित टहलने और दौड़ने का क्रम प्रारंभ किया। वह पढ़ने के लिए विद्यालय भेजी गई। वहां भी उसे दयनीय स्थिति के कारण शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के व्यंग्य सुनने पड़ते थे। एक अध्यापक ग्रे द्वारा उसे मच्छर की संज्ञा मिली थी, पर उसके धैर्य, संकल्प और साहस ने उसे मच्छर से बिजली बना दिया। सन्‌ 1960 में ओलिंपिक खेलों का आयोजन हुआ तो रूडाल्फ ने भी उसमें हिस्सा लिया और एक साथ तीन स्वर्ण पदक प्राप्त किए। ... read more
 1362
1  

अपनी तुलना दूसरों से न करें

एक बार की बात है, किसी जंगल में एक कौवा रहता था, वो बहुत ही खुश था, क्योंकि उसकी ज्यादा इच्छाएं नहीं थीं। वह अपनी जिंदगी से संतुष्ट था, लेकिन एक बार उसने जंगल में किसी हंस को देख लिया और उसे देखते ही सोचने लगा कि ये प्राणी कितना सुन्दर है, ऐसा प्राणी तो मैंने पहले कभी नहीं देखा! इतना साफ और सफेद। यह तो इस जंगल में औरों से बहुत सफेद और सुंदर है, इसलिए यह तो बहुत खुश रहता होगा। कोवा हंस के पास गया और पूछा, भाई तुम इतने सुंदर हो, इसलिए तुम बहुत खुश होगे? इस पर हंस ने जवाब दिया, हां मैं पहले बहुत खुश रहता था, जब तक मैंने तोते को नहीं देखा था। उसे देखने के बाद से लगता है कि तोता धरती का सबसे ... read more
 1406
0  

एक सपने के सच होने की कहानी

एक बार कि बात है, एक शहर में एक लड़का रहता था, स्कूल से आने के बाद वह अपने पिता के साथ काम पर जाया करता था। उसके पिता एक घोड़े के अस्तबल में काम करते थे। वह लड़का रोज हि देखता और सोचता था कि किस तरह उसके पिता इतनी मेहनत करते है लेकिन फिर भी उन्हें वो मान सम्मान कभी नहीं मिलता जो उस अस्तबल के मालिक को मिलता है। वो रोज देखता था कि किस तरह उस अस्तबल का मालिक समाज में खूब इज्जत पाता है। एक दिन उसके स्कूल में उसके शिक्षक ने सभी बच्चों को एक लेख लिखकर लाने के लिए कहा, उस लेख में सभी बच्चों को यह लिखकर लाना था कि वे बड़े होकर क्या बनने चाहते है और उनका क्या सपना है।? अब इस लड़के ने रात भर जागकर एक बहुत ... read more
 1407
0